भारत और वियतनाम के बीच सात समझौते

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हनोई। भारत और वियतनाम के बीच सोमवार को सात समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें तेल क्षेत्र में किया गया एक महत्वपूर्ण समझौता भी शामिल है। दोनों देशों ने दक्षिण चीन सागर में नौवहन की “स्वतंत्रता” का भी आह्वान किया। इस आह्वान से चीन नाराज हो सकता है, क्योंकि वह दक्षिण चीन सागर में अपनी संप्रभुता का दावा करता रहा है।

राष्ट्रपति डॉ. प्रणब मुखर्जी की चार दिन की वियतनाम यात्रा के दूसरे दिन इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इस दौरान उन्होंने वियतनाम के राष्ट्रपति त्रुओंग तान सेंग के साथ विभिन्ना मुद्दों पर बातचीत की। दोनों देशों ने राजनीतिक, रक्षा, आर्थिक, विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी , संस्कृति और दोनों के लोगों के बीच संपर्क के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग और बढ़ाने का निर्णय लिया।

चीन को संदेश दिया

बातचीत के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त बयान में चीन को चतुराईभरा संदेश देते हुए जोर देकर कहा कि दक्षिण चीन सागर के विवादित क्षेत्र में नौवहन की “आजादी” में बाधा नहीं डाली जानी चाहिए। उन्होंने इस संदर्भ में सभी पक्षों से संयम बरतने का आह्वान किया। वे धमकी या सैन्य बल का इस्तेमाल न करें और यूएनसीएलओएस-1982 सहित मान्य अंतरराष्ट्रीय कानूनी सिद्धांतों के तहत विवादों का शांतिपूर्ण तरीके से समाधान करें।

एशिया में शांति, स्थिरता, विकास और समृद्धि के लिए दोनों नेताओं ने साथ-साथ काम करने का संकल्प लिया। दक्षिण चीन सागर में चीन अपना जोर दिखा रहा है, जिसे वियतनाम और फिलीपींस जैसे सीमावर्ती मुल्क अच्छा नहीं मान रहे हैं। दोनों पक्षों ने संबंधित पक्षों से आग्रह किया वे सामूहिक वचनबद्धता का पालन करें और दक्षिण चीन सागर में संबंधित पक्षों के आचरण के बारे में 2002 में की गई घोषणा को लागू करें। वे आम सहमति के आधार पर दक्षिण चीन सागर में आचार संहिता तैयार करने के मुद्दे पर भी काम करें।

तेल क्षेत्र में बड़ा समझौता

प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद दोनों नेताओं की मौजूदगी में सात समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें ओएनजीसी विदेश लिमिटेड और वियतनाम ऑयल के बीच आशय-पत्र के सबसे महत्वपूर्ण समझौते हैं।

ये हैं अन्य समझौते

1. वियतनाम और एक्जिम बैंक ऑफ इंडिया के बीच डॉलर क्रेडिट लाइन में बढ़ोतरी।

2. सीमा शुल्क के मामलों में सहयोग और आपसी मदद।

3. पशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग।

4. भारत में पेंगासिउस (शार्क मछली की एक प्रजाति) के प्रजनन और पालन केंद्र की स्थापना।

5. भारत और वियतनाम के बीच सीधी विमान सेवा का संचालन।

6. युवा मामलों और कौशल विकास के क्षेत्र में सहयोग।

हो ची मिन्ह के निवास पर गए

वियतनाम के राष्ट्रपति से मुलाकात के पूर्व डॉ. मुखर्जी वियतनाम के महान नेता स्वर्गीय हो ची मिन्ह के निवास पर गए और शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। राष्ट्रपति निवास पहुंचने पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और पांच सांसद शामिल हैं।

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